MANGALYAN

मंगलयान मंगलमय यात्रोपरांत मंगल ग्रह तक पहुंचा | ISRO के समस्त वैज्ञानिकों को इस बेमिसाल उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनायें | अब तक लोग भाषणों में श्रोताओं को किसी बुनियादी विषय पर झकझोरने के लिए कहते थे कि हम चाँद पर पहुँच गए हैं लेकिन आज भी ये नहीं हुआ वो नहीं हुआ …. अब भाषणों में वक्ता कहेंगे हम मंगल पर पहुँच गए हैं लेकिन आज भी ..

इस मुकाम तक पहुँचने में भारत ने जितना धन खर्च किया है वह किसी भी अन्य देश से कम है | एक बार फिर हमने साबित किया है कि नवाचार और अनुसंधान में हमारा देश किसी से कम नहीं | ISRO ने साबित किया है कि नवाचार और दूरगामी सोच इस संस्थान के बुनियादी मूल्यों में है | भारत के अन्य संस्थानों के लिए ISRO प्रेरणा का स्रोत है |
इतिहास बताता है कि भारत खगोल विद्या के क्षेत्र में अग्रणी रहा है | आज से डेढ़ हज़ार वर्ष पहले आर्यभट्ट इस विषय में विश्वविख्यात थे | उनका शोध आज भी प्रासंगिक है | इस विषय पर आर्यभट्ट ने कुसुमपुर के समीप स्थित प्रसिद्द विश्विद्यालय में उच्च शिक्षा ग्रहण की | बाद में उन्होंने तरेगना, तरेगाना टॉप और खगौल में Observatory भी बनाई | इतिहासकार कहते हैं कि आर्यभट्ट इस विश्वविद्यालय में कुलपति भी बने | शायद यह विश्विद्यालय ध्वस्त नहीं हुआ होता तो आर्यभट्ट की परंपरा जीवित रहती और भारत के अन्तरिक्ष कार्यक्रमों का नेतृत्व यह विश्विद्यालय कर रहा होता और कुसुमपुर की बात ही कुछ और होती |

खैर, इतिहास शायद की बुनियाद पर नहीं बनता है | आपकी जिज्ञासा को शांत करने के लिए यह बता देते हैं कि तब का कुसुमपुर पाटलिपुत्र और पटना के नाम से आज जाना जाता है और जिस विश्विद्यालय में आर्यभट्ट शिक्षा के लिए पहुंचे वह नालंदा विश्विद्यालय के नाम से | इससे पता चलता है कि उस समय भी भारत विज्ञान की महत्वपूर्ण विधाओं पर विश्व के ज्ञान का स्रोत था | 800 वर्षों बाद ही सही, परन्तु इतिहास ने करवट तो ली है और नालंदा विश्विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गया है | मैं आशा करता हूँ कि भविष्य में खगोलशास्त्र और ज्ञान – विज्ञान से जुड़ी अनेक विधाओं में नालंदा विश्विद्यालय पुनः अग्रणी भूमिका निभाएगा | इसके साथ ही तरेगाना, तरेगाना टॉप और खगौल को उसकी ऐतिहासिक महत्ता के अनुरूप Astro-Tourim के लिए विकसित करने का भी प्रयास हुआ है |

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s